Featured post
Posted by
Deepak Kumar Patel
- Get link
- X
- Other Apps
फूँकत-फूँकत थक गए, बुझा न दीपक एक..
स्वार्थ सिद्ध हो जाए जब, चलें हैं दुसर देख..॥
In English👇
Tired of blowing, don't extinguish a lamp..
When selfishness is proved, let's see others..
- Deepak Kr. Patel
In Hindi👇
Phunkat-Phunkat Thak Gaye, Bujha Na Deepak Ek..
Svaarth Siddh Ho Jaye Jab, Chalen Hain Dusar Dekh..
- Deepak Kr. Patel
- Get link
- X
- Other Apps
नमस्कार दोस्तों !
मेरा नाम दीपक कुमार पटेल है और मैं बनारस से हूँ।
स्वागत है आपका मेरी Website पर जिसका नाम है Stay Alag
यहाँ मैं रोज आपके लिए कुछ नया लेकर आता हूँ। जिसमे आपको शायरी, कविता, गीत, ग़ज़ल और भी बहुत कुछ मिलता है।
तो बने रहिए मेरे साथ और ऐसे ही आनंद लेते रहे।
धन्यवाद।🙏🏻🙏🏻

Comments
Post a Comment
यह आपको कैसा लगा Comment Box में जरूर बताएं।
अगर आपको मेरे द्वारा लिखी गयी शायरी, कविता या गीत पसंद आती है तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ साझा कर सकते हैं।
अगर आपका कोई सुझाव या शिकायत है, तो आप हमें Email के माध्यम से उसे दे सकते हैं।
धन्यवाद🙏🏻🙏🏻